बिजली इंजीनियरों पर हुए जानलेवा हमलों से कर्मचारियों में जबदस्त आक्रोश

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मथुरा के जेई प्रदीप की हुई हत्या का मामला लखनऊ में उठा, हत्यारों की हो गिरफ्तारी 

-विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने कहा-कर्मचारियों की सुरक्षा हेतु बिजली कार्मिक प्रोटेक्शन एक्ट हो लागू
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लखनऊ/आगरा।-विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उप्र की शनिवार को हुई एक आपातकालीन बैठक में प्रदीप कुमार अवर अभियन्ता की गोली मारकर की गयी हत्या, नैनी, प्रयागराज, लोनी, गाजियाबाद सहित बिजली अभियन्ताओं पर हुए जानलेवा हमलों को लेकर विद्युत कर्मियों में जबरदस्त आक्रोश व्यक्त किया गया।  

संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे,अभियंता संघ के महासचिव राजीव सिंह,जेई संगठनके महासचिव जयप्रकाश, गिरीश कुमार पांडेय, केएस रावत, सुहैल आबिद, परशुराम, शशिकांत श्रीवास्तव, विनय शुक्ला, सुनील प्रकाश पाल, शंभू रतन दीक्षित, पूसे लाल, भगवान  मिश्रा, पीएस वाजपेयी, राम सहारे वर्मा, जीपी सिंह आदि नेताओंं ने कारपोरेशन के अध्यक्ष को पत्र भेजा है। 

सरकार द्वारा प्रदेश की जनता को 24 घंटे बिजली देने के संकल्प को पूरा करने के लिए सीमित संसाधन होने के बाद भी लगे हुए हैं। जानलेवा आदि घटनाओं से इसका विपरीत असर पड़ रहा है। हर समय जान जोखिम में रहती है। समिति ने अध्यक्ष उप्र पावर कारपोरेशन लि को एक पत्र लिखकर मांग की है कि उपभोक्ताओं को सुचारू एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने एवं बिजली अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा बिना किसी भय, दबाव आदि के सरकारी कायोंर् का निष्पादन करने हेतु निम्न कदमों पर तत्काल प्रभावी कार्यवाही करें। पत्र में यह कहा गया है कि यदि उपरोक्त संवेदनशील बिन्दुओं पर प्रबन्धन द्वारा अतिशीघ्र प्रभावी कार्यवाही नहीं की जाती है तो ऐसी स्थिति में संयुक्त संघर्ष समिति, लोकतांत्रिक तरीके से विरोध ध्यानाकर्षण जैसे कदम उठाने हेतु बाध्य होगी।

यह हैं मांगे –

बिजली अभियन्ताओं एवं कर्मचारियों द्वारा भयमुक्त होकर सरकारी कार्य करने हेतु उन्हें संरक्षण प्रदान किया जाए। 

-बिजली कार्मिक प्रोटेक्शन एक्ट बनाया जाए। 

-मथुरा में अवर अभियन्ता की हत्या करने वाले आरोपी पर रासुका लगेे

-मृत कार्मिक के परिवार को तत्काल सरकारी नौकरी देते हुए एक करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। 

-लोनी (गाजियाबाद) एवं नैनी (प्रयागराज) व अन्य सभी जगह की घटनाओं के सभी आरोपियों पर रासुका लगाकर तत्काल गिरफ्तारी की जाए। 

-पर्याप्त पुलिस बल के साथ ही बिजली चेकिंग कराई जाए

-बिजली टीम के साथ अभद्रता, झगड़ा, गाली-गलौच, धमकी, मार-पीट, उपकेन्द्र, कार्यालयों में तोड़-फोड़ करने वालों तथा झूठी एफआईआर, काउंटर एफआईआर करने वालों के विरूद्घ तत्काल रासुका एवं गुण्डा एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हो 

-24 घंटे के भीतर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का नियम तत्काल बनाया जाए एवं कार्यवाही सुनिश्चित की जाए

-बिजली अभियन्ताओं एवं कर्मचारियों के विरूद्घ कोई भी एफआईआर बिना नियुक्ति प्राधिकारी के परीक्षण एवं उनकी सहमति अनुमति के पश्चात दर्ज न हो। 

-सभी उपकेन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं, कार्य केा पूरा स्टाफ मिले 

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