बदमाशों ने 52 लाख रुपये लेकर डॉक्टर को छोड़ा, दोबारा की 50 लाख की मांग

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लखनऊ/आगरा/मथुरा। शहर के मशहूर हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. निर्विकल्प अग्रवाल का अपहरण, फिरौती की वसूली और पुलिस की कार्यशैली की कहानी में सबसे ज्यादा काबिले गौर है बदमाशों का हौसला। बदमाशों ने जब एक बार आराम से 52 लाख रुपए की फिरौती वसूल कर ली और डॉक्टर ने पुलिस को भी नहीं बताया तब उनका हौसला इतना बुलंद हो गया कि उन्होंने फिर से 50 लाख रुपए की मांग कर डाली।


घटनाक्रम 10 दिसंबर 2019 सेे शुरू होता है, जब डॉ निर्विकल्प अपने महोली रोड स्थित भावना डायग्नोस्टिक सेंटर से टाटा नेक्सा कार द्वारा अपने घर राधापुरम स्टेट जा रहे थे। एक क्रेटा गाड़ी महोली रोड पर ही उनका इंतजार कर रही थी। ये गाड़ी यहीं से उनके पीछे लग गई। यह वाक्या रात करीब 8:00 बजे का है।
हाइवे पर ये गाड़ी डाक्टर की गाड़ी का पीछा कर रही थी। गोवर्धन चौराहे के ओवरब्रिज पर बदमाशों की गाड़ी ने डाक्टर की गाड़ी को बगल से टक्कर मार दी। जैसे ही डॉक्टर गाड़ी रोककर बाहर निकल कर आए, तुरंत ही बदमाशों ने असलम का भय दिखाकर। उन्हें काबू में कर लिया और गाड़ी में डालकर हाईवेेेेेे पर दिल्ली की ओर ले गये। गाड़ी केेेे अंदर डॉक्टर ने बदमाशों का विरोध करने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन डॉ. अकेलेेेे थे और बदमाश चार।
फिरौती के लिए एक करोड़ की मांग की गई, लेकिन इतने कम समय में इतनी बड़ी रकम का इंतजाम करना संभव नहीं था। डाक्टर के फोन से ही पत्नी भावना को फोन किया गया। उस समय डॉक्टर के घर पर 52 लाख रुपए रखे हुए थे। इन रुपयों को डॉ की पत्नी भावना देने के लिए तैयार हो गई। फिरौती की रकम हाईवे पर सिटी हॉस्पिटल के समीप सर्विस रोड पर वसूली गई। तब कहीं जाकर डॉक्टर को बदमाशों ने छोड़ा।

बदमाशों ने फिर मांगे 50 लाख रूपए तब बिछाया जाल

जब एक बार डॉक्टर का अपहरण करने के बाद। केवल डेढ़ घंटे में ही बदमाशों को 52 लाख रुपए मिल गए और डॉक्टर ने कोई रिपोर्ट भी दर्ज नहीं करवाई तो इससे बदमाशों के हौसले बुलंद हो गए। उन्होंने। फिर से 50 लाख रुपए की मांग डॉक्टर से कर डाली। इसके बाद पुलिस ने बदमाशों पर अपना जाल बिछाना शुरू कर दिया।

पुलिस की भूमिका पर उठ गए कई सवाल !!!

इस मामले में चिकित्सक की पुलिस से मुलाकात आईएमए के पदाधिकारी ने कराई। पुलिस ने डाक्टर को समझाया कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद बेवजह का हल्ला होगा, आप हमें शिकायत दे दें। हम पूरे मामले का वर्क आउट करने के बाद गुडवर्क दिखा देंगे। ये बाद डाक्टर की समझ में आ गई। जब पुलिस को हाइवे के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो उसमें बदमाशों की क्रेटा गाड़ी मिल गई। फिर जल्दी ही पुलिस ने बदमाशों को गिरफ्तार भी कर लिया। साथ ही फिरौती की रकम भी बरामद कर ली।

पुलिस ने डाक्टर को बरामद रकम को थोड़ा सा हिस्सा दिया और उन्हें रिपोर्ट दर्ज न कराने के लिए मना लिया।

डाक्टर के मानने के बाद पुलिस ने एक खेल कर दिया। पूरे शहर में इस बात की चर्चा है कि पुलिस ने एक तो बदमाशों से बरामद रकम दबा ली तो दूसरी ओर रुपए लेकर बदमाशों को छोड़ भी दिया। हालांकि सच्चाई तो जांच के बाद ही सामने आएगी। एडीजी अजय आनंद ने एसएसपी शलभ माथुर, एसपी सिटी, सीओ रिफाइनरी, थाना हाइवे एसएचओ सहित दस लोगों को तलब कर लिया।

पारिवारिक कारणों से डॉक्टर के मन में बसा था डर

डॉ निर्विकल्प के माता-पिता की काफी समय पहले आगरा में हत्या कर दी गई थी। इस भय के कारण डॉक्टर ने किसी को अपने अपहरण और फिरौती वसूली जाने की सूचना नहीं दी।

इन चार के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

एसओजी प्रभारी सुल्तान सिंह और सर्विलांस सेल प्रभारी जसवीर सिंह ने अपनी जांच में पाया कि डॉक्टर के अपहरण की घटना को सनी मलिक पुत्र देवेंद्र मलिक निवासी न्यू सैनिक विहार कॉलोनी कंकर खेड़ा, मेरठ, महेश पुत्र रघुनाथ निवासी कोलाहर नौहझील मथुरा, अनूप पुत्र जगदीश निवासी कोलाहर, नौहझील मथुरा और नितेश उर्फ रीगल पुत्र नामालूम निवासी भोपाल मध्य प्रदेश ने अंजाम दिया है। अब क्योंकि डॉक्टर और परिजन डर के कारण मुकदमा दर्ज कराने से कतरा रहे हैं इसलिए थाना हाईवे के प्रभारी निरीक्षक जगदंबा सिंह की ओर से उक्त चारों लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है।

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