अपर मुख्य सचिव करेंगे गोवर्धन के विकास कार्यों की मॉनिटरिंग-एनजीटी

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कुंभ से ज्यादा भक्त आते हैं गिरिराज परिक्रमा करने : एनजीटी

कुंभ की तरह ही गिरिराज परिक्रमा भी बेहद जरूरी : एन जी टी

गोवर्धन के विकास के सभी बिंदुओं पर न्यायालय ने की विस्तृत चर्चा

मथुरा जिले के सभी आला अधिकारी रहे मौजूद

प्रमुख सचिव शहरी विकास व उत्तरप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण परिषद के सदस्य सचिव अगली तारीख के लिए न्यायालय में तलब

सर्विस रोड का कार्य जल्द पूरा किया जाए : एन जी टी

सरकार की दी हुई समय सीमा से संतुष्ट नहीं है न्यायालय

नई दिल्ली/मथुरा । गिरिराज परिक्रमा संरक्षण संस्थान द्वारा दाखिल याचिका पर दिल्ली की राष्ट्रीय हरित अधिकरण एन जी टी में आज विशेष सुनवाई हुई जिसमें उत्तरप्रदेश सरकार के आला अधिकारियों के साथ – साथ मथुरा के जिला अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, वन विभाग के डी एफ ओ व अन्य सभी प्रमुख अधिकारी न्यायालय के समक्ष उपस्थित रहे ।

याचिकाकर्ता बाबा आनंद गोपाल दास व सत्य प्रकाश मंगल की तरफ से मौजूद अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने पूर्व व हाल में दिए हुए कई शपथपत्रों के माध्यम से न्यायालय का ध्यान गोवर्धन के विकास से जुड़ी कई प्रमुख समस्याओं से अवगत कराया, अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने सर्विस रोड के इलावा सीवर की समस्या व रोड और परिक्रमा मार्ग में वाहनों की आवाजाही की समस्या को न्यायालय के समक्ष रखा जिस पर न्यायालय ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से दाखिल सभी बिंदुओं पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा, उत्तर प्रदेश सरकार की और से मौजूद वरिष्ठ अधिवक्ता पिंकी आनंद ने सरकार की तरफ से सभी बिंदुओं पर अपना जवाब दाखिल किया जिसमे उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ के जवाब से ना संतुष्ट होते हुए न्यायालय ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को सभी बिन्दुओ पर जवाब दाखिल करने को कहा ।

न्यायालय में मौजूद उत्तरप्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को कुंभ की ही तरह गिरिराज परिक्रमा में भी विकास करवाने की हिदायत दी, न्यायधीश रघुवेन्द्र सिंह राठौर व सत्यवान सिंह गब्र्याल की पीठ ने उत्तरप्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी से टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर 12 वर्षों का गिरिराज परिक्रमा करने वालों का डेटा एकत्रित करंगे तो वो किसी भी कुंभ से ज्यादा निकलेगा, इसलिए गिरिराज परिक्रमा के विकास में देरी ना करते हुए उत्तरप्रदेश सरकार सभी महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करवाए, न्यायालय ने सभी कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए भी अपर मुख्य सचिव को जिम्मेदारी दी और कहा कि गोवर्धन के सभी विकास कार्यों को आप नियमित रूप से मोनिटर करें ।

गोवर्धन से जुड़े विकास के सभी बिंदुओं पर चर्चा करते हुए न्यायालय ने मथुरा जिले के जिला अधिकारी को भी हिदायत देते हुए कहा कि जिला अधिकारी भी अपनी जिमेदारियों का पालन करते हुए न्यायालय के सभी आदेशों का क्रियान्वयन करवाने के लिए बाध्य हैं तथा न्यायालय में होने वाली हर सुनवाई पर उनका उपस्थित रहना जरूरी है ।

याचिकाकर्ता की तरफ से मौजूद अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने सर्विस रोड के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मांगे गए दो साल के समय पर न्यायालय का ध्यान आकर्षित किया जिसपर न्यायालय ने अपनी असन्तुष्टता जाहिर करते हुए जल्द से जल्द इस कार्य को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव को हिदायत दी । उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से मौजूद अधिवक्ता पिंकी आनंद ने न्यायालय को यह भी अवगत कराया कि कुछ विकास कार्यों के लिए जैसे कि सीवर व कुंडों में जा रहे गंदे पानी के लिए न्यायालय शहरी विकास से जुड़े अधिकारियों से जवाब मांगा जाए, जिस पर न्यायालय ने प्रमुख सचिव शहरी विकास उत्तरप्रदेश सरकार व उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण परिषद के सदस्य सचिव को अगली तारीख के लिए तलब कर लिया, मामले की अगली सुनवाई 4 मार्च के लिए तय की गई है ।

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