डॉक्टरों, पुलिसकर्मियों और पत्रकारों के सम्मान में हुआ शंखनाद, बजे घंटे और थालियां

0
21

वसुंधरा एन्क्लेव कॉलोनी के लोग संक्रमण को भगाने व हमारी सुरक्षा में लगे अधिकारियों कर्मचारियों तथा कवरेज में लगे पत्रकार बंधुओं के सम्मान में धुन संख ताली घंटा-घंटी बर्तन बजाते नजर आये

हाथरस! पी एम नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई को सफल बनाने के लिए लोगों से रविवार को ‘जनता कर्फ्यू’ का हिस्सा बनने का अनुरोध किया। जिसमे उन्होंने कोरोना वायरस के हवा में संक्रमण की श्रंखला को तोड़ने के लिए सामाजिक दूरी बनाने के तहत, रविवार को सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक ‘जनता कर्फ्यू’ का प्रस्ताव रखा था।

शहर के मुख्य बाजार से लेकर छोटे कस्बों और गांवों और पॉश कालोनी तक मे जनता कर्फ्यू को पूरी गम्भीरता से लिया गया। लोगों ने 21 मार्च को ही अपने राशन और अन्य जरूरी सामानों का क्रय किया , सभी संस्थान पूरी तरह से बन्द रहे। इस दौरान कोई सामाजिक गतिविधि दर्ज नहीं की गई । बाज़ार , गली और मोहल्ला पूरे तौर पर सन्नाटे में डूबे नज़र आये , जिससे पता चलता है कि आम जनता कोरोना वायरस को लेकर भयभीत है और पूरे तौर पर लॉक डाउन को अपना समर्थन दे रही है।


प्रधानमंत्री मोदी की आम जनता से अपील एक उम्मीद है कोरोना के खिलाफ और 22 मार्च को हाथरस जैसे औद्योगिक शहर में पसरा सन्नाटा गवाह है कि यहां की आम जनता जागरूक और इस जंग में मोदी जी का साथ दे रही है।
पूरे दिन पसरे सन्नाटे के बाद शाम 5 बजकर 5 मिनिट पर एक साथ लोग अपनी अपनी बालकनी गेट और छत पर शंख ढोलक थाली और ताली बजाते हुए एक दूसरे का धन्यवाद प्रकट करते नज़र आये।
कुछ समय के लिए जमीन और आसमान इस सामाजिक और सामूहिक सहयोग की ध्वनि से गुंजायमान हो उठे। समवेत स्वर की गूंज कोरोना के खिलाफ शहर की जनता का बिगुल था।

Hits: 3

[supsystic-gallery id=6] [supsystic-gallery id=5]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here