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अधिकारी ट्रस्ट बिलिंग को दें बढ़ावा, उपभोक्ता खुद जनरेट कर सकेंगे बिल: पं. श्रीकान्त शर्मा

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मुख्य बिंदु-

  • ऊर्जा मंत्री ने की समीक्षा, उपभोक्ताओं को करें प्रेरित
  • सभी के सहयोग से सुनिश्चित हो सकेगी निर्बाध विद्युत आपूर्ति
  • बिलिंग केंद्रों पर दी जाएगी हेल्पडेस्क बनाकर ट्रस्ट बिलिंग की जानकारी
  • सौभाग्य, झटपट व निवेश मित्र के लंबित कनेक्शनों को तत्काल जारी करने के निर्देश
  • उपभोक्ताओं की संतुष्टि ही अच्छी सेवा का पैमाना

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री पं. श्रीकान्त शर्मा ने मंगलवार को शक्ति भवन में उपभोक्ताओं द्वारा बिल जमा करने में आ रही कठिनाइयों की समीक्षा की। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अधिकारी ट्रस्ट बिलिंग को बढ़ावा दें, उपभोक्ताओं को खुद से बिल जनरेट करने के तरीकों को प्रचारित करें और उन्हें सिखाएं।

उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग सभी को निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए संकल्पबद्ध है। यह संकल्प सभी के सहयोग से ही संभव है। लॉकडाउन के नाते उपभोक्ताओं तक बिल न पहुंचने की शिकायतें भी आ रही हैं। जिनका निस्तारण तेजी से किया जाना है। उपभोक्ता खुद से रीडिंग आधारित बिल जनरेट कर सकते हैं। संकटकाल में ट्रस्ट बिलिंग ही बिलिंग संबंधी समस्याओं से निजात है।

उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को यूपीपीसीएल की वेबसाइट www.upenergy.in पर बिलिंग वाले टैब पर अपनी लॉगिन आईडी बनानी होगी। यहां शहरी व ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों के उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए अलग-अलग टैब दिए गए हैं। जहां मांगी गई जानकारियां भरकर बिल जनरेट किया जा सकता है। यह प्रक्रिया काफी सरल है और 9 किलोवॉट तक के उपभोक्ता अपना बिल स्वयं जनरेट कर सकते हैं।

ऊर्जा मंत्री ने निर्देशित किया कि सभी डिस्कॉम एमडी यह सुनिश्चित कर लें कि सभी बिलिंग केंद्रों पर हेल्प डेस्क बनाकर आने वाले उपभोक्ताओं को इसके बारे में जागरूक करें, जिससे उपभोक्ता इसका लाभ उठा सकें।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि कई जनपदों में सौभाग्य योजना के कनेक्शन लंबित होने की शिकायतें आई हैं। वहीं झटपट पोर्टल व निवेश मित्र पोर्टल पर भी कनेक्शन के आवेदन लंबित हैं। उन्होंने यूपीपीसीएल अध्यक्ष को निर्देशित किया कि एक भी आवेदन तय गाइडलाइंस के मुताबिक लंबित न रहे वह यह खुद सुनिश्चित करें। उपभोक्ताओं की संतुष्टि ही हमारी सेवा का आधार और पैमाने की कसौटी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।

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