बीएसए के शेल्टर होम में बढ़े मजदूरों के लिए अतिरिक्त इंतजाम

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-कॉलेज की प्रबंध समिति ने व्यवस्थाओं का जिम्मा संभाला

-अपने जनपद के लौट रहे श्रमिकों का हालचाल ले रहे समिति सचिव राजेश अग्रवाल

सीपी सिकरवार

मथुरा | बीएसए कॉलेज के लाला कान्ह बिहारी लाल अग्रवाल सभागार में बनाए गए शेल्टर होम और स्क्रीनिंग सेंटर पर दो दिन से अचानक ही उन अप्रवासी मजदूरों की आमद बढ गयी है जो मथुरा जनपद के हैं और अपने गांव के लिए परदेश से लौटें हैं।
आज मध्य प्रदेश के भी अप्रवासी मजदूर आ गए, जिससे स्वास्थ्य विभाग को परीक्षण अतिरिक्त इंतजाम करने पड़े। बीएसए कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष कंचन लाल अग्रवाल सचिव राजेश अग्रवाल भी लगातार शेल्टर होम में इंतजाम सुनिश्चित करने में जूटे हैं।
बीएसए कॉलेज के शेल्टर होम में स्वास्थ्य विभाग की टीम भी 24 घंटे पड़ाव किए हुए हैं। यह टीम अप्रवासी मजदूरों को कि थर्मल स्क्रीनिंग कर रही है जिससे यह पता लगाया जा रहा है कि किस मजदूर के फीवर है। जिसे फीवर होता है, उसे कोरोन्टाइन के लिए रोका जा रहा है। इन मजदूरों को उनके गांव भेजने के लिए वाहनों की व्यवस्था की गई है।
कालेज प्रबंध समिति व जिला प्रशासन ने यहां भेजे जा रहे अभागे मजदूरों के खान पान आदि की बेहतर व्यवस्थाएं की हैं। यहां राजस्व विभाग ने सदर तहसील के लेखपाल एवं तहसील के अन्य कर्मचारी तैनात किए हैं । प्रबंध समिति की ओर से सचिव राजेश अग्रवाल 24 घंटे में कम से कम एक राउंड लेने कालेज जरूर आते हैं। उनके द्वारा अप्रवासी मजदूरों से हालचाल पूछा जा रहा है। उन्हें खाना खिलवाया जा रहा है। सभागार मेें पंखा व पेयजल की व्यवस्थाएं की गयी हैं। अप्रवासी मजदूरों के जो छोटे बच्चे हैं और उनकी जो महिलाएं हैं, उनके लिए भी व्यवस्थाएं की गई हैं।

बीएसए कालेज प्रबंध समिति के सचिव राजेश अग्रवाल ने शेल्टर होम पर पत्रकारों को बताया कि कालेज समिति ने जिला प्रशासन को स्पष्ट रूप से कह दिया है कि यदि यहां मथुरा जनपद के अप्रवासी मजदूरों की भीड़ बढ़ती है तो उनके लिए दूसरा हॉल और कमरे खुलवा दिए जाएंगे। पेयजल की कोई कमी नहीं रहेगी। हर मजदूर को एक किट दी जा रही है जिसमें 10 दिन का राशन है। यहां आते ही सभी लोगों को सुबह-शाम खाना खिलाया जा रहा है।

प्रबंध समिति ने जाने मथुरा के अप्रवासी मजदूरों के हाल-चाल

मथुरा। मंगलवार को बीएसए कॉलेज प्रबंध समिति के पदाधिकारी कंचन लाल और राजेश अग्रवाल ने शेल्टर होम का निरीक्षण किया। उनके साथ तहसील के कर्मचारी भी थे। दोनों ने सभी अप्रवासी मजदूरों के हालचाल जाने। उनकी तकलीफों को दूर किया। कालेज के सफाई कर्मचारियों को भी लगा दिया है ताकि वहां कोई गंदगी न रहे।

एकांतवास और पत्नी बच्चों से दूर रहने की हिदायत के साथ गांव को कर रहे रवाना

मथुरा। बीएसए कॉलेज के शेल्टर होम से जो मजदूर अपने गांव जा रहे हैं, उन्हे ये हिदायत दी जा रही है कि वह अपने गांव जाकर एकांत कमरे में रहेंगे। 21 दिन तक वह न किसी बच्चे से मिलेंगे और न पत्नी या परिवार के किसी सदस्य से। उनका नाम, पता, फोन नंबर और आदि विवरण रखा जा रहा है। इस शेल्टर होम का निरीक्षण प्रतिदिन प्रबंध समिति के पदाधिकारियों के अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएमओ व एसीएमओ एवं एडीएम आदि लगातार कर रहे हैं।

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