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मथुरा में तत्काल सुधारें क़्वारंटीन सेंटर्स व कोविड वार्ड की अनियमिततायें : पं. श्रीकान्त शर्मा

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  • ऊर्जा मंत्री ने मथुरा के डीएम व सीएमओ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और क़्वारंटीन में रह रहे लोगों व कोरोना मरीजों से फोन पर की बात
  • शिकायतों को दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाने के आदेश
  • जिलाधिकारी व सीएमओ को सेंटर्स और वार्ड की लगातार मॉनिटरिंग के आदेश

लखनऊ/मथुरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ऊर्जा मंत्री पं. श्रीकान्त शर्मा ने शुक्रवार को मथुरा के कृष्णा कुटीर में बने क्वारन्टीन सेंटर, चैतन्य विहार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और के डी मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड के मरीजों से बात की। सुविधाओं में ढिलाई पर असंतोष प्रकट करते हुए उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी व मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी को तत्काल व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि वह आगे भी क्वारन्टीन किये गए लोगों व कोरोना मरीजों से बात कर फीडबैक ले सकते हैं। सुविधाओं में कमी पर अधिकारी जवाबदेह होंगे।

ऊर्जा मंत्री ने कोरोना मरीजों से अस्पताल में दी जा रही सुविधाओं के बारे में पूछताछ की। उनसे समय पर भोजन, हॉस्पिटल स्टाफ के बर्ताव व कठिनाइयों से संबंधित जानकारियां ली। मरीजों ने भोजन की गुणवत्ता, मेन्यु के अनुसार भोजन न मिलने की शिकायतें की। जिस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए सुविधाओं में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिये। साथ ही भविष्य में स्वयं के स्तर पर निगरानी करने को कहा।
इससे पूर्व उन्होंने कृष्णा कुटीर स्थित क्वारन्टीन सेंटर पर क्वारन्टीन किये गए लोगों से बात की। लोगों ने सफाई न होने, वाश बेसिन गंदे होने, नल टूटे होने, बच्चों को दूध व फल न देने और उसकी गुणवत्ता पर मंत्री से शिकायत की। जिस पर उन्होंने जिलाधिकारी को प्रतिदिन सफाई व्यवस्था की निगरानी, भोजन की गुणवत्ता की जांच करने व बने भोजन को समय से लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

निर्देशित किया कि प्रतिदिन कम्युनिटी किचन के भोजन की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित की जाए। राशन कार्ड हो या न हो सभी को राशन किट उपलब्ध कराया जाना है। इसमें कोई भी ढिलाई स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि जिले में आये 8 हजार प्रवासी श्रमिकों के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग व उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करायें। निगरानी तंत्र टूटना नहीं चाहिए,
तभी कोरोना की चेन टूटेगी।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रवासी श्रमिकों के रोजगार के लिए भी जिलाधिकारी मनरेगा या अन्य माध्यमों से व्यवस्था करायें।

उन्होंने सीएमओ को निर्देशित किया कि वह स्वयं नियमित जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा करें, जिससे अन्य मरीजों के उपचार में कोई बाधा न आये। कहा कि निजी क्लिनिक व नर्सिंग होम को शासन की गाइडलाइंस के हिसाब से खोलने की व्यवस्था की जाए। इमर्जेंसी सेवाओं में भी सक्रियता बनी रहे। हॉटस्पॉट क्षेत्रों में यदि कोई गैर कोविड मरीज है तो उसके भी उपचार का प्रबंध करें। कहीं कोई अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए।

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