मथुरा से 17 चुनाव लड़ने वाले फक्कड़ बाबा रामायणी का स्वर्गवास

0
270
0Shares

मथुरा/कानपुर। मथुरा से रामराज्य परिषद के टिकट पर 9 बार लोकसभा और 8 बार विधानसभा चुनाव में ताल ठोक चुके फक्कड़ बाबा रामायण का मंगलवार को 81 वर्ष की आयु में स्वर्गवास हो गया। अपने 17 चुनाव में से फक्कड़ बाबा चुनाव तो एक बार भी नही जीत पाए, लेकिन वे चुटीले अंदाज में कहा करते थे कि 20 वां चुनाव वह जरुर जीतेंगे।
वर्तमान में गलतेश्वर महादेव, ए-गोविद नगर में रहने वाले फक्कड़ बाबा रामायणी मूल रूप से कानपुर के बिठूर के रहने वाले थे। बचपन में 11 वर्ष की आयु में वह मथुरा आ गए थे। फिर जब एक बार मथुरा आए तो फिर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाभूमि ब्रज के ही होकर रह गए।
धर्मप्रेमी लोगों के यहां भजन-कीर्तन और रामायण पाठ कर जीवन यापन करने वाले फक्कड़ बाबा ने 32 हजार घरों में रामचरित मानस और 16 हजार से ज्यादा घरों में सुंदरकांड पाठ किया था।
फक्कड़ बाबा विगत एक माह से बीमार चल रहे थे। मंगलवार दोपहर को उन्होंने आखिरी सांस ली। फक्कड़ बाबा के अनुयायी गोपी पाठक ने बताया कि फक्कड़ बाबा एक माह से बीमार चल रहे थे।
जैसे ही उनकी मृत्यु का समाचार मथुरा-वृंदावन के लोगों को मिला, तो बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंच गए।


1976 में लड़ा था पहला चुनाव
फक्कड़ बाबा ने पहला लोकसभा चुनाव 1976 में लड़ा था। तब से लेकर वह पिछले वर्ष 2019 के लोस चुनाव तक 9 बार लोकसभा चुनाव और 8 बार विधानसभा चुनाव कुल 17 चुनाव लड़ चुके थे। वे अक्सर कहा करते थे कि उनके गुरु निश्चलानंद ने उनके 20 वें चुनाव में विजयी होने की घोषणा की है।


दिल में रह गई हसरत, नहीं लड़ पाए 20 वां चुनाव
वे अक्सर मजाकिया अंदाज में कहते थे कि उनके गुरु निश्चलानंद ने उनके 20 वें चुनाव में जीत की भविष्यवाणी की थी। यही कारण है कि वे लगातार चुनाव लड़ रहे थे, भले ही वह 17 चुनाव हार गए, लेकिन 20 वें चुनाव पर उम्मीद टिकी हुई थी। मंगलवार को उनके देहावसान के साथ ही उनकी चुनाव जीतने की हसरत भी अधूरी रह गई।

Hits: 253

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here