चीन-पाकिस्तान के छक्के छुड़ाने के लिए पांच राफेल विमान अंबाला एयर बेस पहुंचे

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अंबाला/नई दिल्ली। चीन और पाकिस्तान जैसे दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए पांच राफेल विमान बुधवार को फ्रांस से अंबाला एयर बेस पर उतरे। माना जा रहा है कि राफेल विमान के भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल होने के बाद देश की वायु सैनिक ताकत कई गुना बढ़ जाएगी। दो सुखोई विमान और एक हरकुलिस एयरक्राफ्ट राफेल विमानों को स्क्वाड करते हुए अंबाला एयर बेस पहुंचे।

दोपहर को करीब 2:00 बजे राफेल विमानों ने गुजरात की ओर से भारतीय वायु क्षेत्र में प्रवेश किया। जैसे ही पांचों विमान भारतीय हवाई क्षेत्र में आए, उन्हें वायु सेना के मुख्यालय की ओर से हैप्पी लैंडिंग की मुबारकबाद दी गई।
राफेल की 2450 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार है। यह विमान 60 हजार फिट तक की ऊंची उड़ान भर सकता है 4.5 पीढ़ी का विमान डसॉल्ट 100 किलोमीटर के दायरे में एक साथ 40 लक्ष्यों को भेद सकता है। टोही विमान के तौर पर दुश्मन की निगरानी कर सकता है। इसकी 3700 किलोमीटर की मारक क्षमता है। अगर मिसाइल मारक क्षमता की बात करें तो राफेल विमान 150 किलोमीटर की रेंज से हवा से हवा में मार कर सकता है। 300 किलोमीटर की रेंज से हवा से जमीन पर मार कर सकता है और 400 किलोमीटर की रेंज से पहाड़ी क्षेत्रों में मार कर सकता है। राफेल पर जैमर का कोई असर नहीं होता। राफेल किसी भी समय real-time नक्शा तैयार कर सकता है। किसी भी समय नए लक्ष्यों को निशाना बना सकता है।

कुल 36 राफेल विमानों की कीमत 58000 करोड़ रुपए है।
अंबाला एयर बेस पर वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने राफेल विमानों का स्वागत किया। इस अवसर पर वाटर कैनन से स्वागत समारोह को भव्य बनाया गया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वायु सेना को राफेल विमान मिलने की बधाई दी है। साथ ही उन्होंने कहा कि जो देश हमारी ओर बुरी नजर से देख रहे हैं, अब उन्हें चिंता होनी चाहिए।

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